झील सी आँखे दीवाना कर गए

वो झील सी आँखे जिसकी गहराई में मैं जैसे खो सा गया था उसकी ठंडी हवाओं ने मानो मेरे दिल को तरोताजा कर दिया था उसके लहराते  बाल जिस की छांव में मैं ख्वाबों के माले गिन रहा था उसके गुलाबी होंठ मेरे चेहरे को रोशन कर रहे थे उसके मटकते कमर मेरे दिल में धक-धक की दस्तक दे रहे थे| मैं खुद में होकर खुद में ना था मानो मेरी जिंदगी में उसकी परछाई उभर आई थी यह तो असर पहली नजर पहली मुलाकात का था|                                                          

       अभी तो मैने उसे देखा भर था और मानो की कुछ वक्त के लिए वक्त थम सा गया और खुद में होकर उसमें डूब गया था| मैं उसमे डूबा ही था कि कब वह वहां से चली गई कुछ पता ही नहीं चला फिर क्या था मन तो दीवाना होता है जब उसे कोई पसंद आता है तो दीवाना उसी के पीछे पागल हो जाता है| दिन हुआ रात हुई सुबह हुआ शाम हुई, वक्त जैसे गुजरता गया पर मैं वही झील सी आंखों में गोता लगाता रहा कभी सपनों में उससे मिलता तो कभी खुली आंखों से उसके सपने देखता, पर वह कभी हकीकत में वजूद में ना आई, शायद मेरी मोहब्बत में वो ताकत न थी जो उसे ढूंढ पाती और ना ही उसके अंदर मोहब्बत जगा पाई|                                                                                                                                                    

        फिर भी बेचारा मरता क्या न करता हकीकत में नहीं सही ख्वाबों खयालों में उसकी झील सी आँखे ही नजर आता  रहा, अब तो ना घर में रहता ना कॉलेज के क्लास में दरअसल, वहां होकर भी वहां रहता नहीं था| एक रोज कॉलेज से घर जा रहा था मेरे दोस्तों ने कहा क्यों नहीं थोड़ा मजा मस्ती हो जाए आज रोहन( मेरा दोस्त )के फॉर्म हॉर्स चलते हैं लॉन्ग ड्राइव भी हो जाएगा और वहां जाकर थोड़ा पार्टी-शार्टी करेंगे फिर एक अच्छी सी फिल्म भी देखेंगे| मैंने अपने दोस्तों से कहा नहीं यार तुम लोग जाओ मेरा मूड नहीं है और मम्मी मुझे परमिशन भी नहीं देंगी|

 

        क्या बात है? दोस्त खिंचाई करते हुए आजकल जनाब का मूड नहीं है पता नहीं कहां खोए से रहते हैं कुछ बताए तो सही आखिर कौन सी शमा है कौन सी परवाना है,किस झील सी आँखे के तुम दीवाने हो गये कुछ तो बताएं, अरे नहीं यार बात को काटते हुए ऐसी बात नहीं है वह बस ऐसे ही| दोस्त- ऐसे तो कुछ नहीं होता जब तक आग लगती नहीं तब तक धुआं उठता नहीं अब जो मन में है वह कह डाल, मन भी थोड़ा हल्का होगा आज कल मैं देख रहा हूं तुम खोए खोए से रहते हो, नहीं तो पार्टी और तू दूर, ऐसा हो ही नहीं सकता है | बात तो सही है कहते हुए मैंने बात को काटा और आगे बढ़ा, हां तो लॉन्ग ड्राइव का क्या होगा क्या  कैंसिल कर दूं? दोस्तो ने पूछा, अरे नहीं यार ऐसा मत करना तुम लोग जाओ| तुम्हारे बिना पार्टी और ड्राइव “नो इट्स नोट पॉसिबल”|                                                                        

 

        मैंने थोड़ी देर गहरी सांस लेते हुए बोला ओके कैंसिल करने की जरूरत नहीं चल मैं मम्मी से परमिशन लेकर तुम लोगों को इनफॉर्म करता हूं उसके बाद सारा सड्यूल बनाते हैं ,ओके बाय, दोस्तों से जुदा होते हुए, दो चार  घंटे बाद मैंने दोस्तों को इनफॉर्म किया और शेड्यूल तैयार कर लिया कैसे जाना है और कब आना है अभी सब कुछ ठीक चल रहा था अभी मैं अपने ख्वाबों की दुनिया से बाहर आकर असल जिंदगी में पैर फैला ही रहा था सभी दोस्त फिर पहले की तरह मजा मस्ती और हुल्लड़ बाजी में डूबकर गाड़ी को सरपट रोड में दौड़ाना शुरू ही किया था कि मेरे बाजू से एक मोटरसाइकिल वाला गुजरा उसकी पिछली सीट में एक लड़की बैठी थी उसकी खुशबू उस दिन की लड़की की खुशबू से मैच कर रही थी जो मुझे पार्क में मिली थी |

मेरे दिलो-दिमाग में फिर वही तस्वीर उभरने लगा उसके ख्वाबो खयाल फिर से मेरे दिलो-दिमाग में कब्जा करने लगे तभी वह लड़की अपने बाल और दुपट्टा ठीक करने के गरज से चेहरा जो फेरा मेरे तो होश ही उड़ गए वही मदहोश कर देने वाली झील सी आँखे वही गुलाबी होंठ जिसकी तलाश में मै दिन रात सुबह शाम गुजार रहा था| इस वक्त मैंने आव देखा ना ताव और उन्हें आवाज लगा दी प्लीज आप कौन हैं? आपका नाम क्या है? स्पीड इतनी ज्यादा थी कि ना तो वह मेरी आवाज सुनी होगी और ना ही उसके आगे वाली सीट वाला वह आदमी| फिर क्या था सारा माजरा मेरे दोस्तों के नजरे पेश हो गया दोस्त मुझे बोलने लगे छेड़ने लगे पर वे क्या बोल रहे थे मैं कुछ समझ ही नहीं पाया क्यूंकि  मेरा पूरा ध्यान उस लड़की पर था और जो कुछ बचा था वह उसकी तेज दौड़ती मोटर साइकिल के पहिए पर था  कि वह कितनी तेजी से मुझसे दूर जा रहा था |                        

          और मैं कुछ नहीं कर पा रहा था देखते देखते वह मेरी आंखों से ओझल हो गई अब तो यहां  गाड़ी पर मेरे दोस्तों ने मेरी टांग खींचनी शुरू कर दी फिर क्या था मैं उन्हें समझाता रहा और वे मेरी खिंचाई करते रहे बातों ही बातों में वक्त ऐसा गुजरा कि पता ही नहीं चला और हम लोग फॉर्म हाउस पहुंच गए थे वहां सभी  दोस्तों ने बहुत मजा मस्ती किया| रात हुई तो देखा पास ही शादी का पंडाल लगा था सभी दोस्तों ने डिसाइड किया रात का खाना क्यों ना शादी के पंडाल में खाया जाए साथ में मजा मस्ती भी करेंगे और शर्त लगी कि देखते हैं किसमें कितना है दम कौन-कौन आज इस शादी में अपने लिए कोई गर्लफ्रेंड पटा सकता है मैंने तो इस कंसर्ट से अपना नाम पहले ही वापस ले लिया था क्योंकि मेरे दिल में कोई और पहले ही दस्तक दे चुका था|                                       

          शादी में हम पांचों दोस्त बैठकर स्टार्टर का मजा ले रहे थे कि कुछ लोग हमें घूरने लगे हमें  लोगों को देख कर डर हुआ कि कहीं इन्हें पता तो नहीं चल गाया की हम बिन बुलाये मेहमान है उन्हीं लोगों में से एक हमारी तरफ आने लगा हम इतना डर गए की समझ नहीं आ रहा था, अब क्या करें, बस क्या था वहां से  नौ दो ग्यारह होना ही सही समझा तभी उस आदमी ने हम लोगों को आवाज देकर बोला अरे भाई मैं आपकी तरफ आ रहा हूं और आप कहां जा रहे हैं| आप सभी लोग दुल्हन के दोस्तों में से हैं ना  (उस आदमी ने कहा ) आप लोगों ने दुल्हन से मिला क्या ? तभी हम में से किसी एक ने कहा नहीं अभी नहीं मिले हैं खाना खाकर मिलेंगे, तभी उस सज्जन ने कहा चलिए चलिए मैं लिए चलता हूं वहां बहुत भीड़ है लगता है इसलिए आप लोग कंफर्ट फील नहीं कर रहे हैं| तभी इतने में हम में से एक दोस्त ने कहा actually मै दुल्हन का नहीं, दुल्हन के भाई का दोस्त हूं ,दूसरे ने कहा मैं तो दुल्हन के चाचा के ससुराल से आया हूं गरज सभी दोस्तों ने अलग-अलग रिश्तेदारी निभा डाला|                   

          वह आदमी थोड़ा अजीब महसूस करने लगा तभी दुल्हन का भाई वहां पर आ जाता है उसने दुल्हन के भाई को देख कर बोला अरे भाई सिर्फ काम में ही लगे रहोगे तुम्हारे दोस्त आए हैं थोड़ा उनका भी ध्यान रखो, आओ मैं तुम्हें मिलवाता हूं कहते हुवे वे पीछे मुड़े तो देखा कि हम पांचों में से कोई नहीं है वहां| वह बड़ा कंफ्यूज हुआ उसने मन ही मन में सोचा अभी तो यहीं थे अभी कहां चले गए दुल्हन के  भाई ने पूछा कहां है मेरे दोस्त यहां तो कोई भी नहीं है शायद आपको कोई गलतफहमी हो गई हो |यह  कहता हुवा वह वहां से चला जाता है, हम पांचों दोस्त कहीं दूर जाकर चैन की सांस लेते हैं और मजे से खाना खाते हैं| खाना खाने के बाद जब हम आइस-क्रीम  स्टाल  के पास गए तो मेरी आंखें फिर ठहर गई क्योंकि मेरी आंखों की मुलाकात अचानक हवा में लहराते हुए उसके रेशमी जुल्फों से हुवी उसकी बेपनाह खुद के तरफ खींचने वाली खुशबु से हुई,उसकी मदहोश कर देने वाली खिलखिलाहट उसकी झील सी आँखे  फिर मेरे सामने थी | होना क्या था मैं बैठा रहा वह हंसती रही ,मै देखता रहा वह बोलती रही, अचानक से मेरे दिमाग में यह ख्याल आया कि मैं अपने ख्यालों से बाहर आऊ और बात कुछ आगे बढ़ाओ नहीं तो फिर देखने दिखाने के चक्कर में वह मेरी आंखों से ओझल ना हो जाए|                                        

          थोड़ा सोचने विचारने के बाद खुद में हिम्मत बनाया की चलो बात करता हूं क्या होगा पहले दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाऊँगा मान गई तो ठीक है नहीं तो मनाऊँगा| ये सारी बातें कहते हुए मैं अपने अंदर कॉन्फिडेंस ला रहा था तभी उसकी एक दोस्त आइसक्रीम लेकर मेरी ओर से गुजर रही थी अचानक उसका पैर उसके गांऊँ से उलझ जाता है जिस कारण वह और उसका आइसस्क्रीम दोनों मुझ पर ही आकर गिरते हैं मैंने उसे थाम लिया गिरने से बचा लिया लेकिन मेरा ड्रेस आइसक्रीम से पूरी तरह खराब हो जाता है वह लड़की भागी हुवी मेरी तरफ आई सबसे पहले अपनी दोस्तको एक झटका देते हुए अपनी ओर खींच लिया उसके बाद मुझे अपना रुमाल दी और कहा कि आप आइसक्रीम को साफ कर लेना और  सॉरी कहते हुए वहां से जाने लगी |                                                                 

         मैंने तो उसके पास आने के एहसास  से इतना खुश था कि मैं आपको उसके बारे में बता ही नहीं सकता हूं| लेकिन मैंने भी देर न करते हुए कहा excuseme उसने मुड कर देखा और कहा जी हां बोलिए, मैंने आपको पहले भी दो बार देखा है( मुस्कुराते हुए)| अच्छा,  मैंने तो नहीं देखा|          

        आप इतनी खुबसूरत है कि मेरी नजर भीड़ में भी आप को ढूँढ लेती है |  उसकी झील सी आँखे अपना जादू दिखा रही थी |अब मैंने  बातों का सिलसिला शुरू किया और बातों ही बातों में मैंने उसको आपना नाम बता दिया साथ ही मैंने उससे उसका नाम भी पूछ लिया उसका नाम अभिप्रिया था  मैं बता नहीं सकता आप लोगों को उस वक़्त यह नाम मुझे इतना अच्छा लगा की मै शब्दों में एक्सप्रेस नहीं कर सकता| इधर मैं अभी प्रिया से बात कर रहा था कि मुझे वह आदमी नजर आ जाता है जिसने हम सभी दोस्तों को दुल्हन का दोस्त समझ लिया था मैं पानी पी रहा था उसे देखकर हड़बड़ाहट में मैं सरक गया अब क्या था मुझे जोर-जोर से खांसी आने लगी अभीप्रिया मेरे पीठ में हल्का हल्का थपथपाई लगा रही थी तभी वह आदमी आकर कहने लगा अरे आप कहां चले गए थे चलिए में आपको दुल्हन और उसके भाई से मिलाता हूं इतना सुनते ही मेरी खासी और बढ़ जाती है उसके बार-बार बोलने से अभीप्रिया जोर से डांटते हुए उन्हें बोलती है आपको समझ नहीं आता इन्हें  खांसी पर खासी हुवे जा रहे हैं और आपने दुल्हन और उसके भाई से मिलवाने की गुहार कर रहे हैं| आप जाइए मैं इन्हें मिलवा दूंगी जैसे ही वह आदमी जाता है मेरी खांसी रुक जाती है|और मै चैन की साँस लेता हूँ |

वह मुझे पूछती है  “आर यू फीलिंग बेटर नाउ” मैंने भी कहा “यस आई एम फीलिंग बेटर नाउ” उसने कहा ठीक है अब मैं चलती हूं मैंने भी कहा “ओके ठीक है” पर फिर कब मिलेंगे अभीप्रिया ने कहा अब क्यों मिलेंगे मैंने कहा क्यों का क्या मतलब है क्या हम दोस्त नहीं बन गए हैं उस ने मुस्कुराते हुए कहा इतनी जल्दी अजनबीयों  से हम दोस्ती नहीं करते| मैंने कहा ओके दोस्त नहीं है तो क्या हुआ दोस्त बन जाएंगे “प्लीज गिव मी योर कांटेक्ट नंबर” उसने ना कहा फिर मैं भी कहाँ मानने वाला आखिर मैंने उससे उसका नंबर ले लिया और वह वहां से चली गई| मैं बैठा रहा और उसकी मदहोश करने वाली मुस्कुराहट और उसकी झील सी आंखों की मदहोशी से बाहर नहीं आ सका| शहर जाने के बाद उससे दो-तीन बार मुलाकात हुवी, मैं उसके प्यार में पागल हो चुका था पर शायद मेरे प्यार को प्यार ही नहीं समझा उसने|                      

      आज इस मोहब्बत की दास्तान के गुजरे हुए 4 साल हो गए हैं और मैं यहां बैठकर इस मोहब्बत की दास्ताँ और झील सी आंखों की मदहोशी को लफ्जो में बयां कर आप के जेरे नजर कर रहा हूं और वह बेवफा कहीं दूर अपनी मोहब्बत की दुनिया को आबाद कर रही है|

किसी ने ठीक ही कहा है                                                                                

                                                                       “ खूबसूरती जिसमें बेइंतहा होती है                                                     

                                                                       वफा की कदर उसमे कहां होती है” |

 

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  1. farah

    wow nice love story

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