लव स्टोरी – मॉडर्न नोक झोक – देसी

लव स्टोरी मॉडर्न नोक झोक देसी यह हमारी इस कहानी का title है |दोस्तों लव स्टोरी तो  लव स्टोरी होती है जिंदगी के हर स्टोरी में सबसे ज्यादा खूबसूरत लव की स्टोरी होती है जिंदगी में प्यार नहीं तो यह बेरौनक लगती है। तो आइए आज हम आपको बताते  हैं प्यारी सी लव स्टोरी साथ में  खूब सारा नोकझोंक|यह लव स्टोरी एक ब्राह्मण परिवार और एक क्रिस्चियन परिवार के बीच का है |यह लव स्टोरी बाकि दूसरी love story से हट कर है|

कहानी उस वक्त की है जब मैं ट्वेल्थ में थी पास के ही अपार्टमेंट में फ्लैट की बुकिंग चल रही थी कोई ना कोई कस्टमर हर रोज flatebooking के लिए  आ जाता था एक दिन एक शुद्ध देसी ब्राह्मण  family जिनका सरनेम आचार्य था फ्लैट बुकिंग के लिए आते है  साथ ही  एक christian family  भी जिनका सरनेम डिसूजा था आये  बस क्या था नोक  झोक  जैसे उनकी किस्मत में लिखा  था  आते ही दोनों की गाड़ी एक दूसरे से  टक्कर खा जाती है इतने में दोनों फैमिली के senior मेंबर्स निकलते हैं एक दूसरे पर बरसना  शुरू हो जाते हैं|

आप समझ सकते हैं क्या  सीन क्रिएट होता है जब दो  फैमिली के बड़े मेंबर आपस में उलझते हैं अभी इधर झगड़ा शांत होता नहीं कि गाड़ी के अंदर से आवाज आती है सारी शक्ति यहीं खत्म कर दोगे तो अभी सीढ़ियां भी चढ़नी  है वहां तो सांस फूलने ही लगेगा चलो अब खत्म करो तब जाकर आचार्य जी मुंह बिचकाते हुए आगे की ओर बढ़ने लगते हैं|

आचार्य जी फ्लैट दिखाने वाले डीलर से कहते हैं इस परिवार  को यहां रहने नहीं देना चाहिए ऐसे लोग यहां रहेंगे तो हर रोज हल्ला होगा कहते हुए आगे जा रहे थे तभी आचार्य जी को एक फ्लैट बहुत पसंद आ जाता है सभी फॉर्मेलिटी पूरी करने के बाद आचार्य जी फ्लेट अपने नाम रजिस्टर करा लेते हैं अभी आचार्य जी अपने फ्लेट पर कुछ सुस्ता ही रहे थे कि बगल वाले फ्लैट से वही आवाज आ रही थी जिस इंसान से सुबह में पार्किंग एरिया में बहस हो रही थी आचार्य जी अपने बालकनी में टहल रहे थे वहां पर फिर  वही आवाज सुनाई दी, पलट कर देखें तो वही इंसान था अब क्या था दोनों एक दूसरे को आमने सामने देख कर  फिर एक झोंक लगा डाला|

यह तो पेरेंट्स की लड़ाई चल रही थी अभी यहाँ असली वाली लड़ाई बाकी थी एक तरफ आचार्य जी  के परिवार में दो लड़कियां थी निशा और प्रिया जिनके माता-पिता बचपन में गुजर चुके थे जिसके कारण दादा जी और दादी जी ही इन दोनों बहनों के लिए सब कुछ थे | ब्राह्मण परिवार होने के कारण नॉन वेज या नॉनवेज की महक से भी दूर रहते थे किसी के घर से अगर नॉनवेज की खुशबू आ जाती तो उसके घर जाना तो दूर उस  से बात भी करना पाप समझते थे|

दूसरी तरफ डिसूजा परिवार जो एक क्रिश्चियन community से बिलॉन्ग करते थे जो कि नॉनवेज के बिना खाना ही नहीं खाते थे उसके परिवार में मॉम एंड डैड और उनके दो बच्चे थे एक एंड्रयू डिसूजा और दूसरी एलिस डिसूज़ा दोनों ही प्यारे बच्चे थे सभी की रिस्पेक्ट करते थे पर बात जब mom and dad पर होती तो  किसी की नहीं सुनते थे|

दिन गुजरता  गया दोनों परिवार एक दूसरे के आमने सामने नहीं आते शायद किसी को इनकी दुश्मनी की वजह मालूम हो गई थी और वह इन्हें फिर लड़ाना चाहता था| एक  दिन दादा जी  जोर से चिल्ला रहे थे तुमने हमारा धर्म भ्रष्ट कर दिया यहां मांस मच्छी खाते हो और हमारे दरवाजे पर हड्डियाँ छोड़  जाते हो “हे भगवान अब क्या होगा हमारा तो धर्म भ्रष्ट कर दिया” इतने में दादी जी चिल्लाई  और कहने लगी हवन  और यज्ञ  कराए बिना अब तो काम ही नहीं चलेगा और जोर-जोर से बेल बजाने लगते हैं इतने में दरवाजा खुलता है और डिसूज़ा family   बाहर आते हैं दरवाजे पर इन लोगों को देखकर ऐसे ही उनका दिमाग खराब हो जाता है,और ऐसा काम जो उन्होंने किया नहीं तो गुस्सा तो आना ही था फिर क्या था युद्ध शुरू हो गया दोस्तों आइए सुनाते हैं उनके कथन क्या थे|

दादाजी :- तुम लोगमांस मच्छी खा कर हड्डिय यहाँ छोड़ कर चले जाते हो आज तुम्हारी खैर नहीं अभी security को  बुलाता हूं|

मिस्टर डिसूजा :- देखिए हमारे घर में अभी नॉनवेज बना नहीं जो ऐसा काम करेंगे ऐसे भी हम लोग ऐसा काम कर ही नहीं सकते हम लोग ऐसे कैरेक्टर के नहीं हैं|

दादी जी :- देख लिया तुम्हारा charecter और  तुम्हारे संस्कार अपने बच्चों पर कंट्रोल नहीं और बड़ा संस्कारों के बात करने वाले आये |

एंड्रयू dsouza :- how dare u आप ऐसा कैसे कह सकती है इतना सुनते ही  दादा जी की  दोनो पोतिया इस शीत युध में कूद पड़ती है |

प्रिया आचार्या :- how dare u तुम ने इतनी ऊँची आवाज में मेरे parents से बात कैसे की अब तुम्हे इस का खामियाजा भुगतना ही होगा अच्छा तो क्या करोगी  मुझे लॉकअप में डालोगी क्या-क्या करोगी हिम्मत है तो टच करके दिखाना |

प्रिया :- तुम खुद को समझते क्या हो एक बार लॉकअप की हवा लगाउंगी तो सारी  हेकड़ी निकल जाएगी|

एंड्रयू :- हिम्मत है तो निकालो हेकड़ी डालो lock up में कहते हुए अपनी आस्तीन उपर चढानेलगता है और प्रिया की तरफ बढ़ने लगता है |

प्रिया :- इतना देखना था कि प्रिया ने भी फॉर्म में आना शुरू कर दिया मानो दोस्तों यहां पूरी मछली बाजार ही लग गई हो यह सब देखकर उनके पेरेंट्स उनको शांत करते हैं और दोनों अपने अपने फ्लैट में चले जाते हैं|

उधर घर में भी दोनों एक दूसरे को बुरा भला कह रहे थे कुछ देर के बाद प्रिया को फोन आता है वह फोन पर बोलती है अच्छा मैं आती हूं कॉलेज का टाइम भी हो गया है उधर एंड्रयू भी अपने घर से किसी काम के लिए निकलता है रास्ते में फिर दोनों की टक्कर होती है और क्या था युद्ध शुरू, तुमने मुझ से टकराया, तुम मेरे रास्ते में क्यों आए, इस तरह के  वार्तालाप दोनों के बीच होने लगते है लड़ते लड़ते वे  कुछ आगे निकल जाते हैं पास ही एक पार्क था प्रिया वहां जाकर अपनी दोस्त का इंतजार करने लगती है इधर उधर का चक्कर काटकर एंड्रयू भी उसके पास आकर बैठ जाता है| मानो तूफ़ानसे पहले की ख़ामोशी छा गई हो क्युकी वे इतने खामोश थे, दरअसल दोस्तों जैसा हमलोग सोंच रहे थे वैसा तो बिलकुल भी नहीं हुआ |

लव स्टोरी

कुछ देर बाद दोनों एक दूसरे को देख कर स्माइल करते हैं और गले मिलते हुए आई लव यू कहते हैं दरअसल दोस्तों कहानी जो हमने अभी  सुनी वह तो स्टार्ट ही इंटरवल से हुई थी लव स्टोरी का क्लाइमेक्स पहले शुरु हो चुका था प्यार तो इन लोगों को कॉलेज के पहले दिन और लव अट फर्स्ट साइट से शुरू हुआ था लेकिन बाद में झगड़ा भी होता था और प्यार की कोई हद भी नहीं होती थी दोनों एक दूसरे से टूट कर प्यार करते थे वह अपनी लव स्टोरी को मुकाम तक पहुँचाना चाहते थे | वह जल्द ही सब कुछ अपनी फैमिली को बताना चाहते थे लेकिन  उस दिन अपार्टमेंट के पार्किंग एरिया में उनकी मुलाकात होती है तो झगड़े से और अब वे तो एक दूसरे के सबसे पक्के वाले दुश्मन बन गए थे वे रोज मिलते और कॉलेज के बहाने से घंटो एक दूसरे से बातें करते एक रोजा एंड्रयू की बहन एलिस दोनों को एक रेस्त्रां में एक दूसरे के साथ देख लेती है और दोनों एक दूसरे को गले लगते हुए भी देख लेती है इतना देखकर एलिस उनकी बात सुनने लगती है सारा मामला समझ जाती है और फौरन एंड्रयू के बारे में अपनी मॉम और डैड को बता देती है फिर क्या था दो प्यार करने वालों के बीच फैमिली दीवार बनकर खड़ी हो जाती है|

एंड्रयू जैसे  ही घर पहुंचता है तीन लोग तीन तरफ घूरती हुई निगाहों से देख रहे थे एंड्रू समझ जाता है कि फिर लगता है कि कुछ हुआ है पर जब मम्मी ने पूछा प्रिया के साथ रेस्टोरेंट में क्या कर रहे थे तुम्हें पता नहीं उसके दादाजी को पता चलेगा तो कितना नाराज होंगे| | एंड्रयू को कुछ समझ नहीं आने लगा पहले तो उसने बात टालने की कोशिश की नहीं मॉम आपको कोई गलतफहमी हो गई है मैं तो अपने दोस्तों के साथ बास्केटबॉल खेलने गया था, मॉम ने कहा मुझसे झूठ मत बोलो मुझे सब पता है एलिस ने मुझे सब बता दिया है एंड्रयू अब समझ गया था घर में सभी लोग उसके और प्रिया के बारे में जान गए हैं तो उसने भी सब कुछ बता देना ही अक्ल मंदी समझा एंड्रयू ने अपनी मॉम से कहा “ we love each other very much” अपने मॉम का हाथ पकड़ते हुए उसने कहा प्लीज mom  प्लीज अंडरस्टैंड, उसकी मां हां में  सर हिलाते हुए कहा मैं तुम्हारे पापा से बात करूंगी|

उधर दूसरी तरफ प्रिया को देखने के लिए दादा जी के दोस्त का पोता आता है प्रिया अंदर ही अंदर बहुत परेशान थी पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें इस मुसीबत से कैसे बचें| कैसे भी करके वे दोनों बहने उस लड़के को भगा देती हैं | निशा ने दादा जी से कहा आप कैसे लोगों को बुला लेते हैं इससे तो अच्छा हमारा पड़ोसी एंड्रयू है इतना सुनना था कि दादाजी आग बबूला हो जाते हैं खबरदार जो उस अजाति और धर्म नष्ट करने वाले लड़के की बात करी तो | वह लोग कोई आदमी है मुंह बिचका ते हुए प्रिया  यह सब देख कर डर जाती है अब उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था उधर एंड्रू के फैमिली में उसके डेट भी यह बात सुनकर बहुत नाराज हो जाते हैं|

एंड्रयू ने तो  बस सोच लिया कुछ भी हो जाए आज ही वे कोर्ट मैरिज कर लेंगे उसके बाद फैमिली मान ही जाएगी यह बात वह प्रिया को बताता है प्रिया ने कहा दिमाग खराब हो गया है हमारे दादा जी तुम्हारा नाम सुनना भी नहीं चाहते हैं और तुम बोलते हो कोर्ट मैरिज कर लो फिर क्या था दोनों लड़ना शुरू कर दिया एंड्रीयू ने पूछा तो क्या करोगी  प्रिया ने कहा हमारी मंजिल अलग अलग है हमें अलग हो जाना चाहिए| एंड्रीयू:- अच्छा ठीक है तो तुम अपनी मंजिल की ओर जाओ और मैं जाता हूं अपनी मंजिल की ओर,और मेरी मंजिल तो  मौत है ओके गुड बाय इतना कहकर फोन काट देता है इसके बाद क्या था प्रिया बार-बार फोन कर रही थी एंड्रीयू फोन नहीं उठा रहा था , वह भागी भागी आती है और एंड्रीयू के घर का  कॉल बेल बजाने लगती है दरवाजे पर उसकी मॉम आती है वह घबराई हुई थी आंटी  प्लीज एंड्रीयू  है उन्होंने कहा नहीं बेटा, अब उसकी परेशानी बढ़ जाती है वह दौड़ते हुए बाहर की ओर जाती है वहां कहीं नहीं उसे एंड्रीयू  मिलता है|

तब वह  वहां जाती है जहां वे दोनों पहली बार मिले थे वह सही थी बहुत ढूंढने के बाद उसे एक  तालाब के किनारे वह  बैठा हुआ मिला , देखते ही प्रिया दौड़ते हुए उसके पास जाती है और उसके गले से लिपट कर जी भर कर रोती है उससे पूछती है तुम ने ऐसा क्यों कहा एंड्रीयू, शायद मेरी जिंदगी लंबी है क्योंकि मैं इस पल को आखरी पल समझ रहा था प्रिया, उसके मुंह पर हाथ रखते हुए फिर ऐसा नहीं कहना मैं तुम्हारी थी तुम्हारी हूं तुम्हारी रहूंगी चलो अभी चल कर शादी कर लेते हैं दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया पर घर में किसी को बताया नहीं| लेकिन अगर कहीं आग लगती है तो  तो धुआं उठेगा ही ना जिस बात का डर था वही हुआ दादा जी को यह सब पता चल गया फिर क्या था वही देसी नोक झोक शुरू हो गया| दादा जी अब प्रिया को शहर से दूर उसके ताया  जी के यहां भेज ने को तैयार हो जाते हैं|

प्रिया भी तो अपने दादा जी की ही  पोती थी बहुत समझाने बुझाने और गिडगिडाने के बाद वह नहीं माने तो खुद को खत्म कर देना ही प्रिया को सही लगा उसने घर पर ही रखे चूहे मारने की दवाई को पूरी पी ली अब क्या था कुछ वक्त के बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी मुंह से फेन  निकलने लगा घर में जोर शोर से शोरगुल शुरू हो गया प्रिया की हालत खराब होती जा रही थी दादा जी को कुछ समझ नहीं आ रहा था तभी आनन-फानन में दादी जी एंड्रयू को मदद के लिए बुलाती है यह सुनते ही एंड्रीयू के होश उड़ जाते हैं वह भागा हुआ आता है प्रिया प्रिया प्लीज तुम ऐसा नहीं कर सकती हो मुझे छोड़कर नहीं जा सकती हो भागते हुए और प्रिया को लेकर हस्पताल जाता है रात का वक़्त था ज्यादातर स्टाफ हॉस्पिटल  से घर जा चुके थे और जो थे वह पहले से इमरजेंसी केस में बिजी थे अस्पताल में प्रिया की हालत  देखकर डोक्टर पुलिस केस बोल देते हैं, बस क्या था एंड्रयू जोर-जोर से चिल्लाने लगता है डॉक्टर के पैर पकड़कर बोलता है प्लीज डॉक्टर साहब मेरी जिंदगी मेरी प्रिया को बचा  लीजिए बहुत रिक्वेस्ट करने पर डॉक्टरों ने उसकी  दीवागी देखकर अपने रिस्क पर इलाज शुरू करते हैं दोस्तों अब हम कहानी के अंत में आ गए हैं जहां सब कुछ अच्छा होता है प्रिया ठीक हो जाती है सभी परिवार वाले भी मान जाते हैं लेकिन love birds जारो कतार रो  रहे थे दरअसल यह खुशी के आंसू थे, डर भी था कि प्रिया की इस गलत फैसले से कहीं वे  हमेशा के लिए एकदूसरे से  जुदा न हो जाते| शयद  किसी ने सच ही कहा है

                                                                  “इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हें चाहा की

                                                           कि हर शय ने मुझे तुमसे मिलाने की कोशिश की “

 

 

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