Bonding Rab ke sath hi kaam aata hai

दुनिया में अगर आपका bonding ऊपर वाले (सर्व शक्तिमान जिसने सारी दुनिया को बनाया ) से strong है तो निचे वाले (दुनिया वाले लोग ) आपका कुछ नही बिगाड़ सकते |

चलिए आपको इसी motivation से related एक वाकिया बताता हूँ | कहीं पर कोई आदमी एक शाम मंडी पर Fruits खरीदने गाया | मंडी पर उसे एक रेडी (ठेला)  दिखी पर रेडी (ठेला) पर Fruit  वाला वहां नही दिखा इधर उधर  search किया  उसे फिर भी वो Fruit वाला नही मिला |

रेडी (ठेला) की छत पर उसकी नज़र पड़ी तो उसपर वहां एक छोटा सा बोर्ड टंगा था | उस board पर लिखा हुवा था अगर आप जल्दी में है तो आप फल fruits तौल ले और आपके जो पैसे बनते है rate card वहां गद्दे के पास पड़ा हुवा है उसे देख ले और जो पैसे बनते है उस गद्दे के निचे पैसे रखे है रख दे और चले जाये |

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क्यूंकि मुझे time to time घर जाना पड़ता है मेरी माँ बूढी है मेरे घर में मेरी माँ के देख भाल के लिए कोई और नही है उन्हें खाना खिलाने, medicine देने, toilet कराने बार बार घर जाना पड़ता है तो आप ऐसा कर लें | एक लाइन और निचे लिखी थी की अगर आपके पास पैसे नही है तो आप free  में ले जाये आपको इजाज़त है |

ये पढने के बाद मुझे समझ में नहीं आया की ये कौन हो सकता है की आज के जमाने में लोगो पर इतना विश्वास कर लिया फिर भी मैंने आस पास देखा कोई मिला नही तो मैंने price लिस्ट देखा और दो किलो एप्पल ले लिए और एक दर्ज़न कैले ले लिए और जो price बनता था उसे उस गद्दे के निचे पैसा रखा तो देखा वहां पहले से पैसे रखे हुवे थे |

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100 रूपए है, 50 रूपए है, 10 और 20 रूपए के नोट भी है | तो मुझे लगा की हाँ भाई लोग buy  कर रहे है यहाँ से | Evening में मैं अपने घर आ गाया और Dinner बनाने की तय्यारी करने लगा|

Dinner बनाने के बाद dinner खा कर घुमने के लिए निकला फिर से अपने घर से तो वो रेडी (ठेला) वाला मुझे दिख गाया जिस रेडी (ठेला) से मैंने fruit खरीदी थी वो रेडी (ठेला) को धक्का दे कर के ले के जा रहा था|

वो एक आदमी था कमजोर सा था फटे पुराने कपडे पहने थे | मैंने उसको आवाज लगाई तो वो कहने लगा बाबूजी फल fruit नही है आज मेरे पास आप कल आना आपको कल फल मिलेंगे | तो मैंने कहा Fruit तो मैने ले लिए और पैसे भी मैंने रख दिए गद्दे के निचे  | बस आप से कुछ बात करनी थी |

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उसको लेके मैं ढाबे पर पंहुचा और पूछा की dinner  खाओगे तो कहने लगा की नही साहब जी | तो हम दोनों ने चाय order की और चाय पर थोड़ी चर्चा चलने लगी तो मैंने उनका नाम पूछा और उनसे पूछा की ये जो story  है बोर्ड वाली आपकी, आप रेडी (ठेला) fruit के साथ  छोड़ कर बीच बीच में चले जाते है तो आपको ऐसा नही करना चाहिए और अगर आप ऐसा करेंगे तो मुझे अंदेशा है की आपका सामान कोई उड़ा ले जायेगा  |

आपको ऐसा नही लगता की आपकी  रेडी के  सामान कोई चोरी कर लेगा , आपके fruits चोरी हो जायेंगे, आपके पैसे चोरी हो जायेंगे | तो उस आदमी ने जो अपनी story सुनाई वो धयान देने वाली चीज है उसने कहा साहेब  मेरी माँ पिछले तीन  बरसों  से काफी बीमारी रहती है मेरा कोई बेटा, बेटी नही है मेरी बीवी भी अब इस दुनिया में नही है सिर्फ  मेरी बूढी माँ  है |

तो मैंने एक दिन अपनी माँ से कहा जब मैं उसका पैर दबा रहा था की माँ आप मुझे बार बार कहती हो की बेटा तुम घर पर रहा कर तेरे बिना मेरा मन नही लगता, मेरा जी घबराता है  लेकिन आप समझो की मेरे पास पैसा नही है अगर मैं घर में रहूँगा तो fruit कौन sell करेगा और अगर fruits sell नही होंगे तो पैसे कहाँ से आएंगे और अगर पैसे नही होंगे तो आपकी देखभाल कैसे होगी |

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तो मेरी माँ ने “जो की ऊपर वाले के  साथ बहुत  ज्यदा  bonding रखती है,” ऊपर वाले (सर्व शक्तिमान जिसने सारी दुनिया को बनाया ) को याद कर के एक बात कही की बेटा तू एक काम कर तू रेडी (ठेला) को वहां मंडी पर रोज छोड़ आया कर और उसपर एक बोर्ड लगा दे और ये  लिख दे ये सारी story  और तु शाम में जब वापस लेने के लिए जायेगा तो देख तेरा एक रूपया भी ऊपर निचे नही होगा और मेरी माँ से मैंने कहा ये क्या aidea दे रही हो आप सोच भी रही हो की क्या बोल रही हो |

आज की दुनिया में ऐसा माहौल है इतने चोर लुच्क्के है ऐसे में कौन मेरी बातों पर यकीन करेगा और जिस रेडी (ठेला) पर रेड़ीवाला नही होगा फल वाला नही होगा वहां से फल कौन खरीदेगा | मेरी माँ नही मानी उसने कहा फालतू की बात मत कर Allah को याद कर  हमारी किसमत में जितना होगा  वो अपने आप हमारे पास आ जायेगा| 

उसदिन के बाद से तीन साल हो गए है बाबूजी daily ये करता हूँ सुबह रेडी (ठेला) लेकर  जाता हूँ फल fruit  ready कर के चला आता हूँ और शाम में जाता हूँ सीधा लोगों को शायद  लगता हो की बीच बीच में आता है पर जाता नही हूँ | आप यकीन नही करोगे मतलब daily का ये मामुल है और  एक रुपया ऊपर निचे नही होता उल्टा रुपये जयादा मिलते है लोग माँ के नाम पर वहां कुछ ज्यादा रूपए रख जाते है और बहुत कुछ छोड़ जाते है old mother  के नाम पर |

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छोटे छोटे बच्चे माँ के नाम पर वहां कुछ छोड़ कर चले जाते है | एक बार एक बच्ची पुलाव रख कर चली गयी साथ में एक पर्ची भी छोड़ गयी की ये आपकी माँ के लिए है |एक बार एक Doctor साहब वहां पर नाम और number लिख कर एक पर्ची लिख कर चले गए की अगर आपकी माँ ज्यादा बीमार है तो आप मुझे इस number पर call करिये मैं आ जाउंगा |

तब से आज तक बिलकुल वैसा ही चल रहा माँ के आशीर्वाद से और Allah tala के फजल  से हमारी किसमत में जितना लिखा है सबकुछ हमें मिल रहा है |

ये छोटी सी story बहुत सारी बाते बताती है मगर सबसे बड़ी बात जो बताती है की tere dar pe aane se pehle mai bada kamjoor hota hoon, par teri dehleej ko chutey hi kuch aur hota hoon .अपने ऊपर यकीन रखे अपने ऊपर वाले पर यकीन रखें life में कोई ऐसी चीज नही है जो आपको नही मिल सकती time लग सकता है देर है पर अंधेर नही|

 

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