Wilbur sabse Bada Danweer

Wilbur और Orville दो भाई कहीं रहते थे इस कहानी में दोनो भाईयों के साथ एक Aerial है | Orville और Wilbur दोनों एरियल को My Lord कहते थे  | एरियल हमेशा दोनों की मदद करता था और दोनों का भला चाहता था | Aerial बहुत ही powerful था वह कुछ भी कर सकता था | God ने उन्हें इतनी power दी थी की वह पहाड़ों को भी जो चाहे कर दे |

Aerial और Orville कहीं जा रहे थे रास्ते में Orville ने Aerial से पूछा कि हे My Lord एक जिज्ञासा है मेरे मन में अगर आपकी permision हो तो पुछु Aerial ने कहा Orville तुम मुझसे बिना किसी हिचक कुछ भी पूछ सकते हो तब Orville ने कहा कि मुझे आज तक यह बात समझ नहीं आई कि दान तो मैं भी बहुत करता हूं परंतु सभी लोग Wilbur को ही सबसे बड़ा दानी क्यों कहते है|

यह प्रश्न सुनकर Aerial मुस्कुराए और बोले कि आज मैं तुम्हारी यह जिज्ञासा अवश्य शांत करूंगा Aerial ने पास में ही स्थित दो पहाड़ियों को सोने का बना दिया इसके बाद Orville से बोले कि है Orville इन दोनों सोने की पहाड़ियों को तुम आस-पास के गांव वालों में बांट दो Orville Aerial से आज्ञा लेकर तुरंत हि यह काम करने चल दिए |

Wilbur sabse Bada Danweer

उन्होंने सभी गांव वालों को बुलाया और कहा कि वह लोग पंक्ति बना लें एक लाइन में खड़े हो जाए और मैं अब आपको सोना बाटूंगा | और फिर उन्होंने सोना बांटना शुरू कर दिया गांव वालों ने Orville की खूब जय जय कार करनी शुरू कर दी Orville सोना पहाड़ी में से तोड़ते गए तोड़ते गए और गाँव वाले को देते गए| और गांव वालों को लगातार दो दिन और दो रातों तक Orville सोना बांटते रहे उनमें अब तक अहंकार आ चूका था |

गांव के लोग वापस आकर दोबारा से लाइन में भी लगने लग गए थे इतने समय के बाद Orville काफी थक चुके थे जिन सोने की पहाड़ियों से Orville सोना तोड़ रहे थे उन दोनों पहाड़ियों के आकार में तो जरा भी कमी नहीं आई थी उन्होंने Aerial से जाकर कहा कि हे My Lord अब मुझसे काम और ना हो सकेगा मुझे थोड़ा विश्राम चाहिए आराम करने दें Aerial ने कहा तुम जाकर विश्राम करो |

उसके बाद उन्होंने Wilbur को बुला लिया उन्होंने कारण से कहा  इन दोनों पहाड़ियों का सोना इन गांव वालों में बांट दो Wilbur तुरंत सोना बाँटने चलें गए  उन्होंने गांव वालों को बुलाया और उनसे कहा यह सोना आप लोगों का है जिसको जितना सोना चाहिए वह यहां से ले जाए और ऐसा कहकर Wilbur वहां से चले गए यह देखकर Orville ने कहा कि ऐसा करने का विचार मेरे मन में क्यों नहीं आया|

तब Aerial ने Orville को शिक्षा प्रदभाव से कहा सिखाने के लिए कहा  तुम्हे सोने से मोह हो गया था Orville तुम खुद निर्णय कर रहे थे कि किस गांव वाले को कितनी जरूरत है उतना ही सोना तुम पहाड़ी में से खोदकर उन्हें दे रहे थे तुम में दाता होने का भाव आ गया था दूसरी तरफ करने ने ऐसा नहीं किया वह सारा सोना गांव वालों को देकर वहां से चले गए व नहीं चाहते थे कि उनके सामने कोई उनकी जयजयकार करें यह प्रशंसा करें उनके पीठ पीछे भी लोग क्या कहते हैं उससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता|

यह उस आदमी के निशानी है जिसे आत्म ज्ञान हासिल हो चुका हो वह संतुष्ट थे इस तरह Aerial ने खूबसूरत तरीके से Orville के प्रश्न का उत्तर दिया Orville को भी अब अपने प्रश्नो का उत्तर मिल चुका था इस कहानी का जो सार है वो यह है कि दान देने के बदले या किसी के लिए कुछ करने के बदले में धन्यवाद यह बधाई की उम्मीद करना भी gift नहीं business कहलाता है यदि हम किसी को कुछ दान या सहयोग करना चाहते हैं तो हमें यह बिना किसी उम्मीद या आशा के करना चाहिए ताकि यह हमारा सत्कर्म हो ना कि हमारा अहंकार क्योंकि जैसे ही यह भाव हमारे अंदर आ जाता है कि यह मैंने किया मैंने उसके लिए किया मैंने उसे दिया हमारे अंदर अहंकार का भाव आ ही जाती है|

दोस्तों बात बहुत छोटी सी है पर है बहुत गहरी |जो की हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ भी किसी के लिए भी करते है थोड़ी सी awareness के साथ  थोड़ी सी जागरूकता के साथ अगर अपनाये तो हमारे अंदर भी उस अहंकार का भाव घटना शुरू हो जाएगा आशा करती हूं आपको दानवीर कर्ण की एक छोटी सी कहानी जरूर पसंद आई होगी|

 

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